Online Exam with Remote Proctoring

आज विज्ञान इतनी उन्नति कर चुका है कि इस युग को ही विज्ञान युग कहा जा सकता है। विज्ञान की वजह से मनव का जीवन सुख-सुविधाओ से युक्त है। विज्ञान के कारण चिकित्सा, उद्योग, व्यापार के क्षेत्रों मे अभूतपूर्व उन्नति हुई है। उसी प्रकार से शिक्षा के क्षेत्र मे विज्ञान की वजह से प्रगति हुई है।

ऑनलाइन परीक्षा भी विज्ञान की ही देन है। ऑनलाइन परीक्षा के बहुत सारे फायदे है। उन मे से कुछ नीचे सुची मे दिये गये है।

1. सुरक्षा:

ऑनलाइन परीक्षा की प्रक्रिय बहुत सुरक्षित है। एक बार सारे प्रश्न अपलोड करने के बाद, सॉफ्टवेयर उन प्रशन फेर-बदल कर के छात्रो को दिये जाते है। इस लिये शिक्षको को  पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना नही करना पड़ता।

यह प्रकरिया छत्रो को नकल करने से रोकने मे भी सक्षम है। यदि कोइ छात्र नकल करने की कोशिश करेगा तो कॅमप्यूटर द्वारा उसे चेतावनी दी जाएगी। तीन चेतवनियो के बाद छात्र की परीक्षा समाप्त कर दी जाएगी।

2. त्वरित परिणाम प्रसंस्करण:

एक ऑनलाइन परीक्षा में, अंकों की गिनती तुरंत और सटीक रूप से की जाती है। यह पारंपरिक परिक्षाओं  मे संभव नहीं है।

इस की वजह से पारंपरिक परिक्षाओं के परिणाम उतपन्न करने मे बहुत समय लगता है। ऑनलाइन परीक्षा का इस्तेमल कर के आप अपनी परिक्षा के परिणाम जल्द पा कर बहुत सारा समय बचा पाएगे।

3. कम लागत:

आज भी महाविद्यालयों और पाठशालाओं मे परीक्षाओं की लागत बहुत होती है। प्रश्न और उत्तर प्रत्रिकाएं छापने से लेकर परिवहन लागत तक, परिवहन लागत तक एक परीक्षा आयोजित करने के लिए महाविद्यालयों को बहुत खर्चा उठाना पड़ता है।

ऑनलाइन परीक्षा की वजह से अतिरिक्त खर्चों में कटौती होती है। परिक्षा का संचालन पूर्ण रूप से टेकनोलॉजी द्वारा किया जाता है। जब आप विभिन्न स्थानों पर कई उम्मीदवारों के लिए परीक्षा आयोजित करना चाहते हैं तब यह खर्चें कम करने के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

4. प्रश्नपत्र बनाना:

ऑनलाइन परीक्षा मे प्रश्नपत्र बनाना बहुत आसान है। पारंपरिक परिक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र बनाना कठिन कार्य है। शिक्षकों को खुद प्रश्न चुनकर, उसे प्रश्नपत्र के रूप में ढालना पड़ता है। इस कार्य मे बहुत समय लगता है और गलतियों की संभावना भी होती है।

ऑनलाइन परीक्षा मे आप सभी तरह के प्रश्न अपलोड कर सकते है। इस प्रक्रिया से पेपर के लीक होने की संभावना भी बहुत कम हो जाती है।

5. प्रवेश से जुड़े विश्लेषण:

परिक्षा के बाद उसका विश्लेषण भी यह टेक्नोलॉजी द्वारा संभव है। आप व्यक्तिगत प्रदर्शन और पूरे समूह के प्रदर्शन का विश्लेषण कर सकते है।

इसके अलावा आप क्षेत्र के आधार पर भी डेटा का विश्लेषण कर सकते। यह विश्लेषण आपको एक बेहतर निर्णय लेने मे मदद करेंगे।

6. आसान संचार:

ऑनलाइन परीक्षाकी प्रक्रिया से विद्यार्थियों के साथ संपर्क मे रेहना बहुत आसान हो जाता। फॉर्म भरते समय छात्रों से उनका कॉन्टेक्ट नं. और ई-मेल लिया जाता है।

सारी ऍडमीशन / Exam  से संबंधित जानकारी इन्ही दो तरह से विद्यार्थियों को दी जाती है। उन्हे एसएमएस और ई-मेल द्वारा सुचित किया जाता है।

 

ऑनलाइन परीक्षा के साथ ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग की भी सुविधा परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को और आसान और सरल बना रही है।

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग क्या है?

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे निरीक्षक को स्वयं परीक्षा केंद्र मे होने की जरूरत नही होती। वह अपने कम्प्यूटर पर अलग-अलग स्क्रीन पर जो छात्र परीक्षा दे रहे है उन्हे देख सकता है।

यह प्रक्रिया वेब कैमेरा और इंटरनेट की सहायता से की जाती है। इसके फायदे नीचे सूची मे बताए गए है।    

1. आसान प्रबंधन:

पारंपरिक परिक्षाओं मे एक निरीक्षक का होना बहुत आवश्यक है। एक निरीक्षक लगभग ३० से ५० candidates पर एक परीक्षा के दौरान नज़र रखता है। मगर इस मे बहुत समस्याऐं होती है।

१००० से ज्यादा छात्रों के लिए आपको २५ से ज्यादा निरीक्षकों की ज़रूरत पड़ेगी। उसके अलावा निरीक्षक को परीक्षा केंद्र तक यात्रा करनी पड़ती है। ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग द्वारा यह  समस्याऐं सुलझाई जा सकती है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से फिजिकल प्रॉक्टरिंग की आवश्यकता नही रहती।

परीक्षा के समय निरीक्षकों का मिलना उनकी उपलब्धता पर निर्भर करता है। कई शिक्षकों के लिए परीक्षा केंद्रों तक जाना संभव नही होता।

इस टेक्नोलॉजी की वजह से निरीक्षकों को परीक्षा केंद्रों तक जाने की जरूरत नही है। वह कही भी बैठकर इंटरनेट और कम्प्यूटर की सहायता से निरीक्षण कर सकते है।

उसी तरह छात्रों को भी मीलों यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वह घर बैठे अपनी परिक्षा दे पाएंगे।

2. परीक्षा केद्रों की आवश्यकता नहीं:

महाविद्यालयों के लिए परीक्षार्थीयों के पास में परीक्षा केंद्र ढूँढना बहुत कठिन हो जाता है। उसे संबंधित जानकारी भी छात्रों तक पहुंचाना एक अलग समस्या है।

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग इन सब समस्याओं का खत्म कर देता है। महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र की जरूरत ही नही पड़ती। इस वजह से उनका खर्चा भी बच जाता है।

3. परीक्षा का समय तय करना:

पारंपरिक परीक्षाओं मे छात्रों का समय और उनकी जगह तय करनी पड़ती है। इस वजह से गलतियों औ गलतफहमियों की संभावना बड़ जाती हैै। आपको छुट्टियों का भी ध्यान रखना पड़ता है।

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग की वजह से आपकी यह सारी समस्याएं दूर हो जाती है। इस प्रकिया मे सबकुछ टेक्नोलॉजी और वेब कैमेरा द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

4.परीक्षा सुरक्षा:

परीक्षाओं मे यदि एक निरीक्षक हो तो छात्रों को नकल करने के अभूतपूर्व मौके मिल जाते है। बहुत सी बार दूसरे लोग छात्र के स्थान पर आकर परीक्षा दे देते है।

इन सब को खत्म करने के लिए ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग एक बहुत अच्छा उपाय है। ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग के समय छात्रों की फोटो खींची जाती है और विडियो भी रिकॉर्ड की जाती है।

यदि कोई छात्र नकल करते हुए पकड़ा जाए तो उसकी परीक्षा निरीक्षक उसी समय खत्म कर सकता है। इस वजह से ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग बहुत सुरक्षित है।

 

विज्ञान के चमत्कार बहुत अद्भुत है। अब समय आ गया है कि हम शिक्षा के क्षेत्र मे भी इसका लाभ उठाए। तभ ही हम समावेशी विकास कर पाएंगे।